43

Ch 43-Akshraaj Thakur "MOOD ON"

सामने से एक नौकरानी खाने की ट्रॉली लेकर आ रही थी, नौकरानी ने ट्रॉली अक्षराज के सामने रखी और जल्दी से कमरे से बाहर चली गई। धृति ने एक नजर ट्रॉली में पड़े खाने को देखा और फिर अक्षराज के तरफ देखते हुए कहा "हमको भूख नहीं है अक्ष"।

* कल नाश्ते के बाद से तुमने कुछ नहीं खाया है, अब चुप चाप खाओ' ये कहते हुए अक्षराज ने खाने की प्लेट को अपने हाथों में लिया और खाने का निवाला धृति के तरफ बढ़ा दिया।

Write a comment ...

Write a comment ...