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Ch 35-The buttons game with him

एक दूसरे के होठों को मेहसूस करते ही एक अजीब सी सनसनी दोनों के ही अंदर फेल हो गई, धृति के हाथ अक्षराज की शर्ट पर कश गए वहीं अक्षराज ने अपनी पकड़ धृति की कमर पर मजबूत कर दी।

अक्षराज़ के होठों पर धृति के होठों को शिद्दत से चूम रहे थे, दोनों ही अपने एहसास में इतना खो गए थे कि उन्हें दुनिया की कोई खबर नहीं थी।

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