
* नज़र रखना कुछ भी हो जाए लेकिन ये ज़मीन उनके हाथों में नहीं जाना चाहिए, बाकी तुमको पता है क्या करना है उसके साथ जो अक्षराज ठाकुर से चालबाज़ी करता है" अक्षराज ने अपने सर पर हाथ फेरते हुए कहा।
रघु ने अपना सिर हिलाया और कहा फिकर मत किजिए भैया जी, आप बस भाभी के साथ समय बिताये बाकी आपका रघु देख लेगा"।



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